कोरिया प्रायद्वीप सुलग रहा हैं. उत्तर
कोरिया द्वारा किये गये तीसरे परमाणु परीक्षण ने उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच जंग के हालात बना दिए हैं . जंग
छिड़ने पर परमाणु हथियार के इस्तेमाल का भी खतरा बना हुआ हैं.
ज्ञात हो उत्तर कोरिया कूटनीतिक रूप से अलग थलग देश हैं. केवल 24 देश के दूतावास वहा स्थित हैं और परमाणु परीक्षण के कारण वह कड़े आर्थिक प्रतिबन्ध का सामना कर रहा हैं. उत्तर कोरिया 2006 और 2009 में भी परिक्षण कर चुका हैं लेकिन इस बार सभी देश इसे लेकर ज्यादा गंभीर है. उधर दक्षिण कोरिया में बने अमेरिकी सैन्य अड्डो ने भी अपनी सामरिक तैयारी तेज़ कर दी हैं. उत्तर कोरिया अपने जन्म से ही अमेरिका का शत्रु रहा हैं .इसीलिए अमेरिका ने उत्तर कोरिया को कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी हैं. वही उत्तर कोरिया के एक मात्र मित्र चीन ने भी आर्थिक प्रतिबन्ध का समर्थन किया हैं क्यूंकि उसे डर हैं कि युद्ध की परिणती उसकी सीमा पर पलायन के रूप में हो सकती हैं.
उत्तर कोरिया को समझना होगा कि युद्ध उपकरण देश
को शांति और विकास नहीं दे सकते. इस संकट ने एटमी हथियार की और भी
ध्यान खीचा हैं. ऐसे में संकट को दूर करने के तत्कालिक उपाय
करने होंगे और परमाणु हथियारों को ख़त्म करने के बारे में भी सोचना होगा.

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